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मंत्रालय के बारे में


भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी विभाग (भाचिप एवं हो) की स्थापना मार्च, १९९५ में की गई थी। नवम्बर, २००३ में इस का नाम बद कर आयुर्वेद, योगा व प्राकृति चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी (आयुष) विभाग रखा गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि आयुर्वेद, योगा व प्रकृति चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों में षिषा और अनुसंधान के विकास पर ध्यान सकेंद्रित किया जा सके । विभाग आयुष से संबंधित शैक्षिक मानकों के उन्नयन, औषधों के गुणवता नियंत्रण एवं मानकीकरण, औषधीय पादपों की उपलब्धता में सुधार, भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावोत्पादकता के बारे में अनुसंधान और विकास करने के साथ-साथ उनके बारे में जागरुक्ता उत्पन्न करने के लिए निरंतर तत्पर है।